भारत की राजनीति में प्रेस कॉन्फ्रेंस अब इतनी दुर्लभ चीज हो गई है कि जब कोई नेता पत्रकारों के सवालों का जवाब दे दे, तो वह खुद एक खबर बन जाती है। लोग सालों से यह सवाल पूछते आ रहे हैं कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक एक भी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की, जहां पत्रकार बिना तय सवालों के सीधे सवाल पूछ सकें। लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया से निकली एक नई राजनीतिक पार्टी, कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP, चर्चा में आ गई। वजह यह कि पार्टी बने अभी कुछ ही दिन हुए हैं और उसने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली। इतना ही नहीं, मीडिया के सवालों से बचने की बजाय पार्टी नेताओं ने फंडिंग, आंदोलन, संगठन और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर जवाब भी दिए। अब यह बात अलग है कि पार्टी का नाम सुनकर लोग पहले हंस रहे थे, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद लोग कम से कम उन्हें गंभीरता से लेने लगे हैं। इसी दौरान पार्टी ने अपने तीन प्रमुख चेहरों की भी घोषणा की। सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है, जबकि विजेता दहिया और आशुतोष रांका को पार्टी की आवाज के रूप में सामने लाया गया है। अब असली परीक्षा 6 जून को होने वाली है। CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन बुलाया है।
पार्टी का आरोप है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां बढ़ रही हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं है और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। इसी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। आंदोलन को और ताकत तब मिली जब शिक्षा सुधारों को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक ने भी इसका समर्थन कर दिया। वांगचुक ने साफ कहा है कि अगर 5 जून तक सरकार की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वह खुद 6 जून को जंतर-मंतर पहुंचकर इस आंदोलन में शामिल होंगे। वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी भारत लौटकर प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले हैं। यानी जिस पार्टी को कुछ लोग सोशल मीडिया का मजाक समझ रहे थे, वह अब दिल्ली की सड़कों पर अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है। अब देखने वाली बात यह होगी कि 6 जून को जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं की कितनी भीड़ जुटती है, यह आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है और सरकार इस बढ़ते दबाव पर क्या प्रतिक्रिया देती है। फिलहाल इतना तय है कि सोशल मीडिया से शुरू हुई यह कहानी अब सीधे देश की राजनीति और सड़कों तक पहुंच चुकी है।