देहरादून से जयपुर जा रही एक स्लीपर कोच बस में हरिद्वार- रुड़की हाईवे पर क्रिस्टल वर्ल्ड के पास अचानक भीषण आग लग गई। चलती बस से आग की ऊंची लपटें उठती देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।बस में सवार 32 यात्रियों की जान उस समय खतरे में पड़ गई, जब आग तेजी से पूरे वाहन में फैलने लगी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में पहले धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
चालक और बस स्टाफ ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। यात्रियों ने भी सूझबूझ दिखाते हुए बिना घबराए बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हालांकि इस दौरान यात्रियों का अधिकांश सामान आग की चपेट में आ गया और जलकर राख हो गया।सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई ,बसों में आग लगने की घटनाएं अक्सर कुछ ही मिनटों में भयावह रूप ले लेती हैं। यदि चालक सतर्क न हो या यात्रियों को समय पर बाहर न निकाला जाए, तो ऐसी घटनाएं दर्जनों लोगों की जान ले सकती हैं।
पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों में कई ऐसे हादसे हुए हैं, जहां आग लगने के कारण यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।विशेषज्ञों का कहना है कि बस संचालकों को वाहनों की नियमित सर्विसिंग, फिटनेस जांच और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं यात्रियों को भी यात्रा के दौरान आपातकालीन निकास द्वार, सुरक्षा निर्देशों और किसी भी असामान्य स्थिति पर सतर्क नजर रखनी चाहिए।हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर हुआ यह हादसा भले ही बिना जनहानि के टल गया हो, लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क पर चलने वाले हर वाहन की सुरक्षा जांच और सावधानी कितनी जरूरी है। कुछ मिनट की लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है।