उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। राजधानी देहरादून समेत कई इलाकों में सुबह से बारिश का दौर जारी है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अन्य पर्वतीय और मैदानी जिलों में बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिलेगा। लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।इधर, मानसून को देखते हुए राज्य सरकार और विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कें बाधित न हों, इसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने जेसीबी मशीनों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा के अनुसार वर्तमान में चारधाम यात्रा मार्ग पर 125 जेसीबी मशीनें तैनात हैं, जिनमें 22 विभागीय मशीनें शामिल हैं। मानसून के दौरान यह संख्या बढ़ाकर करीब 300 तक की जाती है, ताकि भूस्खलन या सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा सड़कों के किनारे ड्रेनेज और कल्वर्ट की सफाई का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।वहीं आपदा प्रबंधन विभाग भी मानसून को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने लोगों तक मौसम संबंधी चेतावनियां पहुंचाने के लिए क्षेत्रवार ब्रॉडकास्ट मैसेज भेजने की व्यवस्था की है।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम की स्थिति के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय-समय पर अलर्ट संदेश भेजे जाएंगे।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मानसून तैयारियों की समीक्षा करने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री 9 जून को आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा ले सकते हैं। इसके अलावा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की 24 घंटे तैनाती की व्यवस्था 15 जून से शुरू कर दी जाएगी।प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले सरकार और प्रशासन किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।