देश की राजधानी दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में देर रात एक भयावह अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। सुबह करीब 3:47 बजे एक 4 मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली, जिसके बाद तुरंत एक के बाद एक 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल तक फैल गई। बताया जा रहा है कि इमारत में कुल 8 फ्लैट थे, जिनमें कई परिवार गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक धुएं और आग की लपटों ने लोगों को घेर लिया—कई लोग बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन कुछ फ्लैट्स के दरवाजे लॉक होने और धुएं की वजह से लोग बाहर नहीं निकल सके। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। घायलों को तुरंत इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे के बाद का दृश्य दिल दहला देने वाला था—इमारत के अंदर से एक-एक कर शव निकाले जा रहे थे, जिनमें से कई इस कदर झुलस चुके थे कि उनकी पहचान कर पाना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा के मुताबिक, दूसरी मंजिल के पिछले हिस्से से 5 शव बरामद हुए, एक और शव नीचे के हिस्से से मिला, जबकि 3 शव सबसे ऊपरी मंजिल से निकाले गए। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम और पहचान के लिए GTB अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया है, जहां अब DNA जांच के जरिए मृतकों की पहचान की जाएगी। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि एसी में ब्लास्ट के बाद आग भड़की। मौके पर DDMA, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार राहत और जांच कार्य में जुटी हुई हैं। भाजपा विधायक संजय गोयल ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि कई लोग दरवाजे न खोल पाने के कारण अपनी जान नहीं बचा सके। यह हादसा न सिर्फ 9 जिंदगियों को निगल गया, बल्कि कई परिवारों को ऐसा दर्द दे गया है जो शायद कभी नहीं भर पाएगा। अब बड़ा सवाल यही है—क्या राजधानी में फायर सेफ्टी के इंतजाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं?