आईआईटी की पढ़ाई छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाने वाले “आईआईटी बाबा” अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि इस बार उनकी चर्चा किसी प्रवचन या आध्यात्मिक विचारों को लेकर नहीं, बल्कि उनके विवाह को लेकर हो रही है। इस खबर के सामने आते ही संत समाज से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है कि क्या एक संन्यासी को विवाह करना चाहिए या यह पूरी तरह उसका निजी निर्णय है।कुछ समय पहले महाकुंभ के दौरान अभय सिंह अचानक गायब हो गए थे। उनके ठिकाने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। यहां तक कि उनके माता-पिता भी उन्हें खोजते हुए जूना अखाड़े के शिविर तक पहुंचे थे।
उस समय यह माना जा रहा था कि घर लौटने के दबाव के कारण वह कहीं अज्ञात स्थान पर चले गए होंगे। बाद में सोशल मीडिया पर उनके कुछ वीडियो सामने आए, जिससे यह संकेत मिला कि वह सुरक्षित हैं।अब सामने आई जानकारी के अनुसार, अभय सिंह ने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास स्थित अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह कर लिया। इसके बाद 19 फरवरी को उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की। उनकी पत्नी प्रतीका कर्नाटक की रहने वाली हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। वर्तमान में दोनों धर्मशाला में रह रहे