उत्तराखंड की धामी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए करीब 8 साल बाद स्कूलों के लिए नया (टाइम टेबल) लागू कर दी है। इस नए नियम के तहत अब राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी स्कूलों में एक समान समय लागू होगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से पढ़ाई को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा और छात्रों को बेहतर माहौल मिलेगा।नई समय सारणी के अनुसार वर्ष को दो हिस्सों में बांटा गया है—गर्मी और सर्दी। गर्मियों में (अप्रैल से सितंबर) स्कूल सुबह करीब 7:30 बजे खुलेंगे। इसके बाद 7:30 से 7:45 बजे तक प्रार्थना सभा (असेंबली) होगी और 7:45 बजे से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इस दौरान स्कूल की छुट्टी दोपहर लगभग 1:30 बजे तक होगी। वहीं सर्दियों में (अक्टूबर से मार्च) स्कूल सुबह 8 :50 से खुलेंगे, 9 :10 तक प्रार्थना होगी और उसके बाद पढ़ाई शुरू होगी।
सर्दियों में छुट्टी का समय लगभग 3:30 बजे रखा गया है।इस नई व्यवस्था में केवल स्कूल खुलने और बंद होने का समय ही नहीं, बल्कि प्रार्थना, पीरियड और ब्रेक का समय भी एक समान कर दिया गया है। अब सभी स्कूलों में एक पीरियड लगभग 35 से 40 मिनट का होगा और बीच में 30 से 40 मिनट का लंच ब्रेक दिया जाएगा। इससे पढ़ाई का एक निश्चित ढांचा तैयार होगा और सभी स्कूल एक ही प्रणाली के अनुसार चलेंगे।सरकार के अनुसार पहले अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग समय होने के कारण छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने से यह परेशानी खत्म होगी और शिक्षा प्रणाली में एकरूपता आएगी। साथ ही, छात्रों की दिनचर्या भी संतुलित होगी और उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पूरे राज्य में एक समान नियम लागू होंगे, जिससे पढ़ाई अधिक व्यवस्थित होगी। अभिभावकों को भी राहत मिलेगी क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग स्कूल टाइम को लेकर परेशानी नहीं होगी। वहीं शिक्षकों के लिए भी एक तय समय पर काम करना आसान होगा,शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे इस नए टाइम टेबल को सख्ती से लागू करें। यदि कोई स्कूल इसका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।