उमेश शर्मा काऊ ने शनिवार को शिक्षा निदेशालय में हुई घटना पर खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना “जाने-अनजाने” में हुई और इसके लिए वे संबंधित सभी पक्षों से माफी मांगते हैं।
विधायक काऊ ने जारी बयान में बताया कि वे अपने क्षेत्र में एक विद्यालय के लिए डेढ़ बीघा जमीन दान देने वाले परिवार के साथ शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। उनकी मांग थी कि विद्यालय का नामकरण दानदाता पदम सिंह रावत के नाम पर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला काफी समय से लंबित था, जिस कारण बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।
काऊ के अनुसार, जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने विवाद को शांत कराने का भरसक प्रयास किया। इसी दौरान अनजाने में घटना घटित हो गई, जिस पर उन्हें गहरा अफसोस है। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों में उन्हें हमेशा अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग मिला है तथा उन्होंने भी सदैव उनका सम्मान किया है।
विधायक ने कहा कि शनिवार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और वे इसके लिए संबंधित पक्षों से क्षमा चाहते हैं। साथ ही उन्होंने सभी से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों के हित में कार्य कर रहे हैं तथा सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है।अंत में विधायक काऊ ने उम्मीद जताई कि संवाद और आपसी समझ से इस पूरे प्रकरण का समाधान निकाला जाएगा।