पीएम से मिलने पहुंचे थॉमस कप विजेता टीम,पीएम के लिए बाल मिठाई लेकर पहुंचे लक्ष्य, बाल मिठाई देखकर खुश हुए पीएम मोदी

By New31 Uttarakhand

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने आवास पर थॉमस कप विजेता की टीम से मुलाकात की | इस दौरान अल्मोड़ा से भारतीय शटलर लक्ष्य सेन और पीएम मोदी की मुलाकात ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा | बता दें कि थॉमस कप जीतने के बाद पीएम मोदी ने टीम को प्रोत्साहित करते हुए | सभी खिलाड़ियों से बातचीत की थी | वहीं इस मौके पर पीएम ने लक्ष्य सेन से अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई खिलाने की मांग की थी | जिसके बाद आज पीएम की मांग पूरी करते हुए, लक्ष्य पीएम मोदी के पास बाल मिठाई लेकर पहुंचे |

थॉमस कप और उबर कप जीतने वाली बैटमिंटन टीम रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ पर मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों ने पीएम के साथ अपने अनुभव साझा किए। थॉमस कप जीतने वाले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों से पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं देश की ओर से पूरी टीम को बधाई देता हूं। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।

पीएम मोदी ने एक-एक कर खिलाड़ियों से बातचीत की। थॉमस कप जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले शटलर लक्ष्य सेन से प्रधानमंत्री मोदी के बातचीत के अंश।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं लक्ष्य सेन का आभार व्यक्त करता हूं। मैंने फोन करके कहा था मैं तेरे से बाल मिठाई खाऊंगा। उसने याद रखा और वह बाल मिठाई लेकर आया ।

शटलर लक्ष्य सेन ने कहा यूथ ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद सबसे पहले आपसे मिला हूं आज दूसरी बार मिल रहा हूं। जब भी आपसे मिलता हूं तो मोटिवेटड फील करता हूं। खेल के दौरान भी आपका फोन कॉल आया। मैं यही चाहूंगा, मैं आपसे रोज मिलता रहूं, रोज मेडल जीता रहा हूं और आप के लिए बाल मिठाई लेकर आता रहूं ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे बताया गया कि मैच के दौरान तुम्हें फूड प्वाइजनिंग हो गई था। तब लक्ष सेन ने कहा कि हां फूड पॉइजनिंग के कारण मैं दो दिन नहीं खेल पाया था। ग्रुप स्टेज के मैच में थोड़ा ठीक हुआ और खेला। एक मैच खेला एक में रेस्ट किया ।

प्रधानमंत्री ने कहा कुछ भी खाने की आदत या कुछ और है

लक्ष्य सेन ने कहा एयरपोर्ट में कुछ गलत खा लिया था। जिस कारण यह फूड प्वाइजनिंग हो गयी थी ।लक्ष्य सेन ने कहा जो भी काम करो दिल से करो। अपना पूरा ध्यान उस पर ही फोकस करो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फ़ूड प्वाइजनिंग के दौरान शरीर के साथ मानसिक तकलीफ बहुत हुई होगी। कभी ध्यान से सोचना। खेल चलता हो, शरीर साथ ना देता हो। उस समय जो बैलेंस रखा होगा। कभी आराम से सोचना। वह कौन सी ताक़त और कौन सी ट्रेनिंग थी। तुम फूड प्वाइजनिंग, कमजोरी के बाद भी चैन से नहीं बैठे। तुम्हारे भीतर की उसी ताक़त ने यह सब करने दिया।

Date : 22-May-2022

Penned by Reeta Joshi

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