गेहूं की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। शनिवार को सरकार ने गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया। इस बीच आपको बता दें कि जिन देशों को पहले ही इसके निर्यात की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें इसका निर्यात जारी रहेगा।गेहूं की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। शनिवार को सरकार ने गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया। गेहूं को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि देश की खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। साथ ही पड़ोसी देशों और गरीब देशों को समर्थन करने के लिए भी ऐसा करना जरूरी था। इस बीच आपको बता दें कि जिन देशों को पहले ही इसके निर्यात की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें इसका निर्यात जारी रहेगा।
केंद्र सरकार ने देश की समग्र खाद्य सुरक्षा का प्रबंधन करने और पड़ोसी देशों के समर्थन की आवश्यकता को देखते हुए गेहूं के निर्यात को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। सरकार ने गेहूं के निर्यात को “निषिद्ध” श्रेणी में रखा है। विदेश व्यापार महानिदेशालय के अनुसार कोरोना काल की व्यवस्था के रूप में गेहूं के निर्यात की अनुमति उन शिपमेंट के मामले में दी जाएगी |
डीजीएफटी के अनुसार अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए और उनकी सरकारों के अनुरोध के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा दी गई अनुमति के आधार पर भी निर्यात की अनुमति दी जा सकेगी। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि भारत सरकार अपने देश, पड़ोसी और अन्य कमजोर विकासशील देशों की खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो गेहूं के वैश्विक बाजार में अचानक बदलाव से प्रतिकूल रूप से प्रभावित हैं।
गेहूं के निर्यात पर रोक के बीच भारत सरकार ने वर्ष 2022-23 में एक करोड़ टन अनाज निर्यात करने का लक्ष्य रखा है। गेहूं के शिपमेंट को बढ़ावा देने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए सरकार मोरक्को, ट्यूनीशिया और इंडोनेशिया सहित नौ देशों में व्यापार प्रतिनिधिमंडल भेजेगी।
Date : 14-May-2022
Penned by Reeta Joshi