बता दें की बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में डिजिटल दान का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दोनों मंदिरों के ठीक सामने पेटी.एम. क्यू.आर. कोड का बोर्ड लगा दिया गया, जिसमें डिजिटल दान की अपील की गई थी।
वहीं हैरत की बात है कि इस क्यू.आर. कोड से लिंक बैंक अकाऊंट मंदिर समिति का नहीं था। सोशल मीडिया में प्रकरण चलने के बाद मंदिर समिति ने इस मामले में पुलिस में तहरीर दे दी है। अब पुलिस जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि इस क्यू.आर. कोड से लिंक अकाऊंट किसका था और अभी तक कितनी धनराशि इसमें जमा हुई थीयह पूरा प्रकरण बद्रीनाथ व केदारनाथ मंदिर के ठीक सामने लगे पेटी.एम. क्यू.आर. कोड से संबंधित है।
साथ ही इसमें दानदाताओं से डिजिटल दान की अपील की गई है। प्रथम दृष्टया देखने से यह लगता है कि यह दान मंदिर समिति के खाते में जाएगा। लेकिन, रविवार को चेयरमैन अजेंद्र अजय ने यह स्पष्ट किया है कि मंदिर समिति अपने कामकाज में पेटी.एम. का प्रयोग नहीं करती है।