बता दें की शहीद टीकम सिंह नेगी के पार्थिव शरीर के घर पर पहुंचते ही माहौल बेहद गमगीन हो गया,शहीद के परिजनों को रोता देख हर किसी की आंखें नम हो गई। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए आईटीबीपी के कई अधिकारियों और जवानों की आंखें छलक गईं।
वहीं जैसे ही शहीद के ताबूत को अंतिम यात्रा के लिए ट्रक में रखा जाने लगा, शहीद की छोटी बहन माधुरी फूट-फूट कर रोने लगी और बोली अब मैं किसको भाई बोलूंगी, किसकी कलाई पर राखी बांधूंगी।
साथ ही आपको बता दें की नम आंखों से माधुरी ने भाई टीकम की अंतिम यात्रा को विदाई दी।बता दें की लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर शहीद हुए राजावाला-सेलाकुई निवासी असिस्टेंट कमांडेंट टीकम सिंह नेगी का मंगलवार को प्रेमनगर स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया ,और शहीद के चचेरे भाई शुभम रावत ने शहीद की चिता को मुखाग्नि दी,और नम आंखों से परिजनों और नगरवासियों ने शहीद को अंतिम विदाई दी।