बता दें की एक अप्रैल से दून, ऋषिकेश और हरिद्वार की सड़कों से 10 साल या उससे अधिक पुराने डीजल से चलने वाले ऑटो-विक्रम का संचालन बंद हो जाएगा। वहीं इस तिथि से सभी परमिट रद्द माने जाएंगे। यदि कोई संचालन करता है ऐसे ऑटो-विक्रम सीज किए जाएंगे।
साथ ही आपको बता दें की संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने देहरादून, हरिद्वार और रुडकी में बढ़ते वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए पिछले साल नवंबर महीने में डीजल से चलने वाले ऑटो-विक्रम को चरणबद्ध ढंग से सड़क से बाहर करने का फैसला लिया था। और इसमें दस या इससे अधिक पुराने ऑटो-विक्रम को 31 मार्च 2023 और बाकी बचे विक्रम-ऑटो को दिसंबर 2023 तक बाहर किया जाना है।
वहीं दस या इससे अधिक पुराने ऑटो-विक्रम को सड़क से बाहर करने के लिए अब सिर्फ पांच दिन बचे हैं। और एक अप्रैल से इनका संचालन बंद होना है। वहीं इसके लिए परिवहन विभाग ने तैयारी कर दी है। विभाग ऐसे ऑटो-विक्रम को सीज करेगा, जो दस साल या उससे अधिक पुराने होंगे।
मिली जानकारी के अनुसार आरटीए ने डीजल वाले ऑटो-विक्रम के परमिट पर इलेक्ट्रिक, सीएनजी या फिर बीएस-6 पेट्रोल मैजिक खरीदने का विकल्प दिया है। और अब इसके लिए पहली प्राथमिकता विक्रम और ऑटो संचालकों को दी गई, लेकिन कई संचालकों ने इसके लिए आवेदन नहीं किया।