अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई प्रकरण में पीड़ित युवक के बयान दर्ज नहीं होने के कारण पुलिस जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई है। युवक अभी दून अस्पताल में है। बताया जा रहा है कि युवक बयान देने की स्थिति में नहीं है।पुलिस को आरोप पत्र तैयार करने में भी दिक्कतें आ रही है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल की मौजूदगी में करीब तीन बजे शाम को जीआईसी मोरी में बैठक आयोजित की गई। लेकिन उक्त बैठक में पीड़ित युवक आयुष के पिता अतर लाल नहीं पहुंचे। जिस पर बैठक के बाद विधायक दुर्गेश्वर लाल सहित क्षेत्र के कुछ गणमान्य व्यक्ति बैनोल गांव पहुंचे।
आयुष के घर पर उसके पिता अतर लाल के साथ बैठक की। वहीं अतर लाल ने कहा कि विधायक सहित अन्य लोगों ने उसके समक्ष मामले में समझौते का प्रस्ताव रखा। अतर लाल ने बताया कि उन्होनें समझौते का प्रस्ताव ठुकरा दिया। कहा कि वह अकेले ही अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेगे पर समझौता नहीं करेंगे।

विधायक ने कहा – बाहर के लोग कर रहे रवांई घाटी के माहौल को खराब
विधायक दुर्गेश्वर लाल ने बताया कि वह दोनों पक्षों के साथ बैठक कर क्षेत्र में सौर्हाद पूर्ण माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक दुर्गेश्वर ने कहा कि कुछ बाहर के लोग रवांई घाटी के माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रकरण में कमान बाहर के लोगों के हाथ में है, जो मामले में और अधिक आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्र में आपसी सौहार्द न बिगड़े, क्षेत्र में नारेबाजी, झगड़ा, विरोध प्रदर्शन न हों इसके लिए दोनों पक्षों से सुलह कराने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक दुर्गेश्वर ने कहा कि कानून अपना कार्य कर रहा है।
मोरी क्षेत्र के सालरा गांव में मंदिर में प्रवेश करने पर अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई का प्रकरण सामने आया था। इस संबंध में पीड़ित युवक ने क्षेत्र के पांच सवर्ण युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में टिहरी जेल भेज दिया था।