उत्तर प्रदेश के संभल जिले में उस वक़्त अफरा तफरी का माहौल बन गया जब जिले में बहजोई इलाके के बाग मोहल्ला में प्रशासन विशेष समुदाय के 84 मकानों को खाली कराने पहुंची। आपको बता दे प्रशासन और पुलिस फोर्स को देखकर स्थानीय निवासियों में सनसनी फ़ैल गई। वही हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासन की ओर से ये कार्रवाई की जा रही है। दरअसल हाई कोर्ट के आदेश में गिलास फैक्ट्री की जमीन पर 84 अवैध मकानों का निर्माण होने का हवाला देते हुए कब्जा लेने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर पहले गिलास फैक्ट्री थी। जिसपर अब अवैध तरीके से मकानों का निर्माण किया गया है। साथ ही उच्च न्यायालय में गिलास फैक्ट्री को लेकर बॉण्डअप किया गया है और इसमें ऑफिशियल लिक्विडेटर इलाहाबाद को बाउंड किया गया है। जिनकी देखरेख में उच्च न्यायालय का आदेश है कि जो अवैध रह रहे हैं उन पर कार्रवाई की जाए।
जिसके बाद प्रशासन की टीम ने 84 मकानों को खाली कराना शुरू कर दिया। ये देख स्थानीय महिलाएं और बच्चे रोने-बिलखने लगे कोई अपने घरों का सामान लेकर वहां से जाता हुआ नजर आया तो किसी का परिवार घर के बाहर सामान रखकर रोते हुए नजर आया बताया जा रहा है कि ये सभी मकान विशेष समुदाय के लोगों के है। साथ ही कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गयी। साथ ही एडीएम, तहसीलदार, राजस्व कर्मियों और भारी पुलिस फोर्स के साथ ऑफिशियल लिक्विडेटर की टीम पहुंची जिन्होंने 84 मकान खाली कराकर उन्हें सील कर दिए। हालांकि स्थानीयों लोगो का कहना है कि उन लोगों ने खुद इस जमीन को ख़रीदा है। साथ ही नगर पालिका की ओर से पानी, सड़क और बिजली की व्यवस्था भी मुहैया कराई गयी है। इतना ही नहीं बल्कि उनसे वाटर टैक्स, हाउस टैक्स और बिजली बिल भी लिया जा रहा है तो फिर कैसे ये जमीन अवैध हो गई। ये एक बड़ा सवाल है जो वहाँ के स्थानीय लोग उठा रहे है।