हल्द्वानी जेल में 54 कैदी HIV संक्रमित मिले हैं. एक महिला कैदी भी एचआईवी पॉजिटिव मिली है. इससे जेल प्रशासन में हड़कंप है. इन सभी कैदियों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा है.बता दें की हल्द्वानी उपकारागार में वर्तमाल में 1700 से अधिक बंदी और कैदी हैं। और यह संख्या क्षमता से तीन गुना अधिक है। वहीं कोर्ट के आदेश और सामाजिक कार्यकर्ताओं के आदेश के बावजूद जेल में कैदियों की संख्या कम होने की बजाए बढ़ती जा रही है।
वहीं जेल प्रशासन के अनुसार अधिकांश बंदियों के संक्रमित होने की वजह नशीले इंजेक्शन है। एक ही नशीले इंजेक्शन का बार-बार इस्तेमाल करने पर एचआइवी संक्रमित होने का खतरा रहता है।
साथ ही आपको बता दें की नशीले इंजेक्शन से दूर रहना इसका बचाव है, और यहाँ ज्यादातर कैदी एनडीपीएस एक्ट में निरुद्ध हैं ,जेल अधीक्षक सतीश सुखीजा ने बताया कि जेल में आने कैदियों के अपराध की श्रेणी के आधार पर जांच कराई जाती है। किसी भी तरह के संक्रमित पाए जाने पर उसे इलाज के लिए एसटीएच में भर्ती कराया जाता है,और इलाज में आने वाले खर्च का भुगतान जेल प्रशासन करता है।