उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सरवट इलाके में एक दिल दहला देनी वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।मृतकों में पेंटर इरशाद (34), उसकी पत्नी नोरीन (30), दो वर्षीय बेटा आहिल और एक माह की बेटी अक्शा शामिल हैं। इरशाद का शव कमरे में फंदे से लटका मिला, जबकि उसकी पत्नी का शव फर्श पर और दोनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े मिले।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत ईद के मौके पर दी गई 1500 रुपये की ईदी से हुई। इरशाद ने अपनी बहन को ईदी दी थी, जिसको लेकर उसकी पत्नी नोरीन से विवाद हो गया।
यह विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झगड़ा होने लगा।बताया जा रहा है कि नोरीन ने अपने मायके वालों को भी बुला लिया था, जिसके बाद देर रात तक घर में हंगामा चलता रहा। पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत तो हो गया, लेकिन घर के अंदर तनाव बना रहा।अगले दिन जब दोपहर तक घर में कोई गतिविधि नहीं हुई, तो इरशाद के भाई नौशाद को शक हुआ। वह घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। रोशनदान से झांकने पर इरशाद का शव फंदे से लटका दिखाई दिया।
इसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां पत्नी और बच्चों के शव भी मिले।पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला पहले परिवार की हत्या और फिर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। बच्चों के मुंह से झाग निकलने की बात सामने आई है, जिससे अंदेशा है कि उन्हें जहर दिया गया हो। हालांकि, मौत के असली कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए जा रहे हैं। इरशाद के भाई ने ससुराल पक्ष पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है और आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत दी है। वहीं, नोरीन के परिवार का कहना है कि उसे अक्सर प्रताड़ित किया जाता था।पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि छोटे-छोटे पारिवारिक विवाद किस तरह भयावह रूप ले सकते हैं।