उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर अभी भी बरकरार है। पहाड़ से लेकर मैदान तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने ठंड को फिर से बढ़ा दिया है। यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली और चोपता जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल रही है, जहां कई जगहों पर अब भी बर्फ जमी हुई है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिलों में खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट के तहत गरज-चमक, तेज बारिश, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं, अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा।
राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जहां कुछ दिन पहले 30 डिग्री के पार पहुंचा तापमान अब करीब 24 डिग्री के आसपास आ गया है। ठंडी हवाओं और बादलों के चलते दिन में भी ठंड का अहसास हो रहा है और सुबह-शाम लोग हल्के गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है, जो अरब सागर और भूमध्यसागर से नमी लेकर आता है और बादल व बारिश का कारण बनता है। इसके साथ ही हिमालय से आने वाली ठंडी हवाएं तापमान को और नीचे ले जा रही हैं। विभाग का कहना है कि 10 अप्रैल तक मौसम का यही रुख बना रहेगा, पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क लेकिन ठंडा बना रहेगा।