उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में खड़िया खदानों के संचालन पर रोक के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो रहा है। भैरूचपट्टा गांव के ग्रामीण खदानें बंद किए जाने के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खड़िया खनन और इससे जुड़े मजदूरी के काम पर गांव के कई परिवारों की आजीविका निर्भर है। खदानें बंद होने से मजदूरों और स्थानीय लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका सवाल है कि जब पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की बात की जाती है, तो खनन बंद होने से प्रभावित परिवारों के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन से खदानें बंद करने का कानूनी आधार स्पष्ट करने, संबंधित आदेशों और निरीक्षण रिपोर्टों का ब्योरा उपलब्ध कराने तथा मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। अधिवक्ता बसंत कुमार के मुताबिक, प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि संबंधित न्यायालयों और शासन के आदेशों का कितना अनुपालन किया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि मामले का जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि प्रभावित लोगों की आजीविका दोबारा पटरी पर आ सके।