मेरठ में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर गुरुवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसी दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे एक हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पुलिस वाहन के पास थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध पर बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने सड़क जाम कर दी, अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद कार्रवाई करनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार, छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं और बाद में उनका शव बरामद हुआ था। मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि साक्ष्य मिटाने के आरोप में अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का दावा है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और पीड़ित परिवार को समय-समय पर इसकी जानकारी दी गई है। वहीं, विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा, सड़क जाम और पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।