चारधाम यात्रा के बीच उत्तराखंड से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। जिस यमुनोत्री हाईवे के सहारे हर दिन हजारों श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन के लिए निकलते हैं, वही हाईवे अब लगातार खतरे का रास्ता बनता जा रहा है। मानसून की दस्तक के साथ पहाड़ दरकने लगे हैं और यात्रा मार्ग पर सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। ताजा मामला उत्तरकाशी जिले में हनुमान चट्टी के आगे का है, जहां अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशाल चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। देखते ही देखते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालु और स्थानीय लोग घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और प्रशासन की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया, लेकिन लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण राहत कार्य में भी बार-बार रुकावट आती रही। प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने और किसी भी तरह की जल्दबाजी न करने की अपील की है।
**दरअसल, मानसून के मौसम में यमुनोत्री हाईवे उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील मार्गों में से एक माना जाता है। पिछले कुछ दिनों में स्याना चट्टी, हनुमान चट्टी और आसपास के इलाकों में कई बार भूस्खलन हो चुका है, जिससे चारधाम यात्रा बार-बार प्रभावित हो रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ कमजोर पड़ रहे हैं और अचानक मलबा गिरने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि प्रशासन यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने और जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दे रहा है। फिलहाल सड़क को जल्द से जल्द सुचारु करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं होता, तब तक यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। पहाड़ों में कुछ मिनटों की बारिश भी हालात पूरी तरह बदल सकती है, इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी है।