शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव महिला सुरक्षा और गलत तरीके से चल रहे ऑटो और ई-रिक्शा के सत्यापन की कार्रवाई परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गयी थी। जिसकी कल अंतिम तारिक है। लेकिन शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में चलने वाले 50% से अधिक ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों ने अपने वाहनों के साथ-साथ अपना सत्यापन अभी तक नहीं कराया है। ऐसे में अब परिवहन विभाग बिना सत्यापन के चल रहे ऑटो और ई-रिक्शा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। जिसके तहत अब बिना सत्यापन के चल रहे ऑटो और ई-रिक्शा के परमिट और रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की कार्रवाई होगी। आपको बता दे शहर में करीब 4000 ई-रिक्शा और 3500 ऑटो वाहन पंजीकृत है। लेकिन अभी तक लगभग 1700 ऑटो और करीब 430 ई-रिक्शा ही सत्यापित हुए है।
वही संभागीय परिवहन अधिकारी हल्द्वानी संदीप सैनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर हल्द्वानी शहर क्षेत्र अंतर्गत 16 किलोमीटर के परिधि में चलने वाले ऑटो रिक्शा के साथ-साथ ई-रिक्शा संचालकों के सत्यापन की कार्रवाई चल रही है. साथ ही परिवहन विभाग द्वारा इन सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन परमिट के अलावा अन्य दस्तावेज के साथ-साथ चालकों का सत्यापन होना है. जिसके लिए परिवहन विभाग द्वारा रोस्टर के आधार पर 7 अक्टूबर से कई चरणों में सत्यापन की कार्रवाई की गई। लेकिन सत्यापन के दौरान भारी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा चालक ने अपने दस्तावेज का सत्यापन नहीं कराया। जिसको देखते हुए अब बिना सत्यापन के चलने वाले ऑटो और ई रिक्शा का रजिस्ट्रेशन और परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि कई चरणों में सत्यापन की कार्रवाई हो चुकी है और अंतिम तिथि 28 नवंबर है. ऐसे में 28 नवंबर के बाद जो भी ऑटो और ई-रिक्शा बिना सत्यापन के सड़क पर चलते हुए पाए जाएंगे तो उनका परमिट और रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के साथ-साथ वाहन को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी.