उत्तराखंड में एक के बाद एक लगातार सामने आए… भर्ती घोटालों से सभी रुबरु है…अभी भी कई भर्तियों की जांच चल रही है.. वहीं UKSSSC मामले में पकड़े गए 42 नकल माफियाओं में अब तक 18 जमानत पर रिहा हो चुके हैं…इन सभी को नकल रोधी कानून नहीं होने का लाभ मिला है.. लेकिन अब सरकार ने इन नकल रोधीयों पर नकेल कसने के लिए अध्यादेश बनाने की तैयारी कर ली है|
उत्तराखंड में सभी आयोग, बोर्ड, परिषद और विश्वविद्यालय की ओर से होने वाली भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून का मसौदा तैयार कर लिया गया है…शासन स्तर पर हुई बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया गया है|
बता दें की उत्तराखंड सरकारी सेवा में “नकल निषेध अधिनियम 2022” में नकल विरोधी कई प्रावधान तैयार किए जा रहे हैं जिसमें 10 साल की सजा, परीक्षाओं से 2 साल तक डिबार करना, संपत्ति कुर्क और 10 लाख तक का जुर्माना, जैसे और कई कठोर नियम होंगे|
वहीं इसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के गरीब युवाओं के पास कोई पूंजी है.. तो वह शिक्षा है,, इसलिए राज्य सरकार किसी भी कीमत पर युवाओं को इस पूंजी को खराब नहीं होने देगी… सीएम ने कहा कि इसीलिए सरकारी स्तर पर नकल विरोधी कानून की तैयारी की जा रही है.|
वही अल्मोड़ा पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भर्ती घोटाले को लेकर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा.. कि जांच के नाम पर सरकार प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है…साथ ही कांग्रेस ने सरकार से इस मामले में माननीय न्यायालय की देखरेख में सीबीआई जांच की लगातार मांग की.. लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया किया.. और इस घोटाले के मास्टर माइंड बेल आउट हो चुके है। इस मामले में सरकार के पास कोई जबाब नहीं है।