दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अंतिम चरण में है। आपको बता दे 3 फरवरी यानी आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज जोर शोर से इसका प्रचार कर रहे हैं। साथ ही 5 फरवरी को मतदान है और 8 फरवरी को इसके परिणाम सामने आएंगे। दरअसल दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 20 जनवरी से चुनाव प्रचार चल रहा है और तब से ही उम्मीदवार सुबह से लेकर शाम तक प्रचार में जुटे हुए है। कहीं पर चुनावी सभा को संबोधित करते तो कहीं पर घर-घर जाकर संपर्क करते हुए उम्मीदवार दिखाई दिए। साथ ही इस दौरान उनके समर्थकों ने विरोधी उम्मीदवार के ऐसे प्रभावशाली कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की है, जो अच्छी संख्या में मतदाताओं पर अपना प्रभाव रखते हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं को चुनाव से पहले अपने पक्ष में लाने के लिए प्रचार समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों ने रणनीति बनाई है कि वो उन्हें अपने पक्ष में कैसे लाएं।
उम्मीदवार अपनी रणनीति के अनुसार विरोधी के प्रभावशाली कार्यकर्ताओं से रात के अंधेरे में संपर्क करने का प्रयास करेंगे। ताकि उनको उस क्षेत्र में भी वोट मिल सके। विरोधी के प्रभावशाली समर्थक को पहले उम्मीदवार पूरी तरह से चुनाव जीतने का अपना गणित बताएंगे। उसके बाद तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर अपने पक्ष में करने का प्रयास करेंगे। खासतौर पर ये रणनीति कैंपों में रहने वाले मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान कराने की योजना है। ये रणनीति राजनीतिक दलों से संबंधित उम्मीदवारों की होगी। कई उम्मीदवारों के समर्थक अपने-अपने क्षेत्र में समर्थित मतदाताओं पर पूरी नजर लगाकर रखें हुए हैं। ताकि कोई उनके मतदाताओं को किसी तरह का प्रलोभन देकर सेंध लगाने का प्रयास न करे। इस तरह की घटनाओं की शिकायत करने के लिए मोबाइल से वीडियो भी बनाने के बारे में कार्यकर्ताओं को उम्मीदवारों ने हिदायत दी हैं। उम्मीदवारों ने अपने समर्थकों से सतर्क रहने के लिए कहा है। हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से भी इस तरह की घटनाओं पर ध्यान रखने के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी शिकायत करने के लिए उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को दिए गए हैं। हालांकि इस रणनीति में जो उम्मीदवार या दल सफल हो जाएगा, उसकी किस्मत बदल जायेगी।