उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई के आटा थाना क्षेत्र स्थित अकबरपुर इटौरा गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद के बीच एक मां पर अपनी ही चार साल की मासूम बेटी की हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राजकुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। परिवार में पत्नी विनीता, दो बेटे उमंग (10) और मयंक और चार साल की बेटी नैना उर्फ ‘बिट्टो’ थी।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से पति-पत्नी के बीच आर्थिक परेशानियों को लेकर लगातार विवाद हो रहा था। पत्नी मायके जाने की जिद कर रही थी, लेकिन पैसों की कमी के कारण राजकुमार उसकी इच्छा पूरी नहीं कर पा रहा था।बता दे की हत्या की रात परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे, राजकुमार अपने दोनों बेटों के साथ एक चारपाई पर सोया था, जबकि विनीता बेटी नैना के साथ दूसरी चारपाई पर थी। आरोप है कि देर रात विवाद के बाद विनीता ने गमछे से बेटी का गला कस दिया। बताया गया कि बिजली जाने पर राजकुमार की नींद खुली तो उसने बच्ची को जमीन पर पड़ा देखा।
इसी दौरान बड़े बेटे उमंग ने मोबाइल से घटना का वीडियो बना लिया।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।राजकुमार के अनुसार, पत्नी का व्यवहार पिछले कुछ समय से काफी चिड़चिड़ा हो गया था और दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। उसने दावा किया कि घटना से पहले पत्नी ने गुस्से में कहा था, “या तू रहेगा या मैं।
”ग्रामीणों के मुताबिक, घटना से पहले विनीता ने जमीन पर लाल साड़ी बिछाई थी और बाद में बच्ची का शव उसी पर मिला। यह दृश्य देखकर गांव की महिलाओं की आंखें नम हो गईं। गांव में हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।चार साल की नैना, जिसे सभी प्यार से ‘बिट्टो’ कहते थे, बेहद चंचल और मासूम बच्ची थी। उसे सजने-संवरने और चूड़ियां पहनने का शौक था। उसकी मौत के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और लोग अब भी इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।