उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा। हादसे के वक्त कई मजदूर पुल के नीचे और आसपास सो रहे थे, जो मलबे में दब गए। इस हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। SDRF, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से लगातार राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
यह हादसा ललपुरा थाना क्षेत्र के गांव मोरा कादर और कुरारा थाना क्षेत्र के गांव कंडोर के बीच हुआ। यहां बेतवा नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि बीती रात तेज बारिश और आंधी-तूफान के बाद अचानक पुल का स्लैब गिर गया। उस समय निर्माण कार्य में लगे मजदूर मौके पर ही सो रहे थे और देखते ही देखते मलबे के नीचे दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर SDRF की टीम, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया और कई मजदूरों को बाहर निकाला गया। हादसे में घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस दर्दनाक हादसे में जिन मजदूरों की मौत हुई है, उनकी पहचान लोकेंद्र निषाद (22 वर्ष), कुलदीप निषाद (19 वर्ष), सावंत यादव (28 वर्ष), सभाजीत (30 वर्ष), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34 वर्ष) और राजेश पाल (42 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी मजदूर बांदा और हमीरपुर जिले के रहने वाले थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पिलर पर फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इनमें अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद शामिल हैं। बचाए गए मजदूरों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह भारी बारिश और तेज आंधी को माना जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
मजदूरों के रहने और सोने की सुरक्षित व्यवस्था भी नहीं थी।बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण प्रोजेक्ट राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद द्वारा मंजूर कराया गया था। पुल का निर्माण मोरकंदर परसानी से नैथी गांव तक किया जा रहा था। लेकिन निर्माणाधीन पुल के ढहने से यह परियोजना अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और निर्माण एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूरे इलाके में शोक का माहौल है और मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।