स्मार्ट मीटर लगाकर सरकार ने जिस योजना को पारदर्शिता और सटीक बिलिंग का बड़ा कदम बताया था, और जमकर वाह वाही लूटी थी अब वही ज़मीनी स्तर पर लोगों के गुस्से की वजह बनती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश के Agra जिले के Akola क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर भारी विरोध देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां बिजली बिल नियंत्रित रहता था, वहीं अब नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल अचानक कई गुना बढ़ने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि ये मीटर सामान्य मीटर की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से रीडिंग दर्ज कर रहे हैं, जिससे हर महीने बिल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है। इसी नाराज़गी के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण बिजली घर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि गुस्साए लोगों ने बिजली घर परिसर में लगे कई मीटरों को उखाड़कर फेंक दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार बिजली सप्लाई घंटों बंद रहने के बावजूद मीटर की रीडिंग लगातार बढ़ती रहती है, जो सीधे-सीधे उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच और समाधान की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने की कोशिश की। इस दौरान Bharatiya Kisan Union के कार्यकर्ता भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंच गए, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। हालांकि अधिकारियों ने लोगों को समझाकर फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—क्या स्मार्ट मीटर वाकई पारदर्शिता लाने का जरिया है या फिर आम जनता के लिए आर्थिक बोझ बनता जा रहा है? अगर समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे विरोध और तेज हो सकते हैं।