उत्तराखंड के जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला चोरगलिया के रेखाल खत्ता क्षेत्र से सामने आया है, जहां भालू के हमले में गुर्जर समुदाय के एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, कल शाम करीब 5 बजे मृतक अपने पशुओं को जंगल से वापस घर ला रहा था। इसी दौरान घात लगाए बैठे भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि व्यक्ति को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जब देर रात तक व्यक्ति घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों के साथ मिलकर परिवार ने जंगल में खोजबीन शुरू की। करीब दो घंटे की तलाश के बाद व्यक्ति का शव जंगल के अंदर मिला। शव की हालत देख हर कोई सन्न रह गया और परिजनों में कोहराम मच गया।
गौरतलब है कि बीते एक महीने में उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमलों से कई लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता (मुआवजा) देने और हमलावर भालू को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोग अपनी जान जोखिम में डालकर जीवन यापन करते रहेंगे? क्या वन विभाग इस बढ़ते खतरे पर समय रहते ठोस और प्रभावी कार्रवाई कर पाएगा? या फिर ये हादसे हर रोज नई कहानी और नया दर्द बयां करेंगे।