सोमवार को जम्मू के कठुआ में हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के पांच जवान शहीद हो गए। आपको बता दे शहीद हुए पांचो सैन्यकर्मी में से एक उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रहने वाले कमल सिंह भी थे। दरअसल कमल सिंह पौड़ी जिले में रिखणीखाल विकासखंड के ग्राम पापड़ी के रहने वाले थे। जिनके परिवार में पत्नी, दो बेटिया, मां और दादी है। साथ ही छोटी बेटी पाँच साल की है, जब उसने अपने पिता का पार्थिव शरीर देखा तो वह पूछ पड़ी की पापा बोल क्यों नहीं रहे। हलाकि इस सवाल का किसी के पास कोई जवाब नहीं था की आखिर उस छोटी मासूम बच्ची को क्या बताया जाए। इतना ही नहीं बल्कि जब कमल सिंह को पुरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा के लिए निकाला गया तब मासूम बच्ची के मुँह से शब्द निकले की पापा चले गए। लेकिन इस मासूम बच्ची को ये नहीं पता है की उसके पापा अभी तो चले गए लेकिन अब कभी दुबारा नहीं आएंगे।
वही कमल सिंह की पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है वो इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं की अब उनके पति इस दुनिया में नहीं रहे साथ ही बूढ़ी माँ भी इस बात पे यकीन नहीं कर पा रही की उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। दरअसल कमल सिंह ने सोमवार दोपहर को आतंकी हमला होने से पहले ही अपनी पत्नी और बच्चो से वीडियो कॉल पर बात की थी लेकिन कमल सिंह की पत्नी को ये नहीं पता था की ये उनकी उनके पति से आखिरी बार बात होगी। बता दे हवलदार कमल सिंह साल 2007 में सेना में भर्ती हुए थे। इस समय वह 22वीं गढ़वाल राइफल में थे और अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।