स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस , यूरोप और जर्मनी नाम सुनते ही दिमाग में एक तस्वीर बनती है! उस तस्वीर में अक्सर साफ़ सुथरी सड़कें दिखाई देती है लेकिन इस वक्त हकीकत कुछ और ही है l यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि सड़कें पिघल रही हैं, रेल की पटरियां टेढ़ी हो रही हैं और पिछले सात दिनों में 1300 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आइए जानते हैं कि आखिर यूरोप में गर्मी इतनी खतरनाक क्यों बन गई?
दरअसल, फ्रांस, स्पेन, इटली और जर्मनी समेत कई देशों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लेकिन यूरोप की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर इतनी गर्मी के लिए बना ही नहीं है। ज़्यादातर घरों में AC नहीं हैं और सड़कें व रेलवे ट्रैक भी इतनी अधिक गर्मी सहने के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन है। यानी बढ़ता वैश्विक तापमान अब सिर्फ़ मौसम नहीं बदल रहा, बल्कि लोगों की जान भी ले रहा है। यही वजह है कि भारत से कम तापमान होने के बावजूद यूरोप में गर्मी ज़्यादा जानलेवा साबित हो रही है।