हल्द्वानी समेत कुमाऊं के कई जिलों में स्टेडियमों को संवारने के लिए रुपयों को पानी की तरह बहाया गया।14 फरवरी को खेल समाप्त हो गए जिसके बाद इतने दिनों से कोई भी काम स्टेडियम में नहीं हुआ। नई सुविधाएं विकसित हुईं और अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा हो गया। हर कोई दावा करने लगा कि इस संसाधन का लंबे समय तक खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा लेकिन दुर्भाग्य है कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम गौलापार अब फिर से अपने वही पुराने स्वरूप में नजर आने लगा है। राष्ट्रीय खेलों के लिए सजाया गया इंफ्रास्ट्रक्चर तीन दिन में धड़ाम हो गया।
बता दे 15 करोड़ की लागत से बने डाइविंग पूल में अब कूड़ा तैर रहा है। इसी डाइविंग पूल में पांच दिन पहले राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैर रहे थे। रिकार्ड बना रहे थे। अब पानी गंदा हो चुका है। इससे स्विमिंग पूल भी खराब होने लगा है। स्विमिंग पूल के पास जगह-जगह कूड़ा पड़ा हुआ है। वही पल-पल का अपडेट लेने वाले अधिकारी अब यहां झांकने तक नहीं आए। हलाकि इन सब के बीच आज नगर आयुक्त ऋचा सिंह स्टेडियम पहुंची हैं और स्टेडियम में सफाई व्यवस्था देखी जा रही हैं। हलाकि अभी भी सवाल खड़े हो रहे हैं की जिस स्टेडियम के प्रचार के लिए ख़ास मेहमान बुलाये गए और प्रसीद कालकर मौजूद रहे ,लेकिन लगता हैं खेल सम्पत होने के साथ ही व्यस्था भी वही समापत हो गयी।