20 जुलाई को हल्द्वानी में लगी नुमाइश के अंदर धारदार हथियार से हमला करने वाले दो युवकों को एसओजी और स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसका खुलासा आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा ने करते हुए बताया कि 20 जुलाई को नुमाइश के अंदर पार्किंग को लेकर पार्किंग ठेकेदार और गांधी आश्रम में रहने वाले अजीत सिंह बगड़वाल के साथ कुछ कहां सुनी हो गई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई, और हमलावर आरोपी फरार हो गए, वही इस वारदात के बाद हमलावर को ढूंढ़ना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी, पुलिस ने हमला करने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित की जिसके बाद पुलिस ने 24 जुलाई को मुख्य दो आरोपी को गिरफ्तार किया, और इनके पास से पुलिस ने तलवार सहित कई हथियार भी बरामद किये।
वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए दोनों मुख्य आरोपी सिमरनदीप और आशुतोष भंडारी साथ ही मुख्य अभियुक्त देवेंद्र बिष्ट जो की 2022 में जेल में बंद था, दोनों की दोस्ती हुई थी और दोनों की दोस्ती होने के बाद देवेंद्र ने नुमाइश में साइकिल का ठेका ले रखा था, हालांकि दो पक्षों में नुमाइश में झगड़ा हुआ और देवेंद्र से झगडे को देखते हुए सिमरन और आशुतोष ने अजीत सिंह के ऊपर तलवार से हमला कर दिया था जो की गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों पर 15 से 20 मुकदमे संघीन धाराओं में दर्ज हैं, और आशुतोष किच्छा थाने में हिस्ट्रीशीटर भी है, जिसके विरुद्ध जनपद उधम सिंह नगर में हत्या का प्रयास लूट मारपीट रतलाम की तस्करी आदि के 15 अभियोजन पंजीकृत हैं। वही पुलिस ने एसओजी और स्थानीय पुलिस को सम्बन्ध में बधाई दी। साथ ही एसएसपी ने साफ तौर से कहा कि बाहर से आया कोई भी व्यक्ति नैनीताल जिले में अपराधी घटनाओं को अंजाम देगा तो उसे बिलकुल भी बक्शा नहीं जाएगा।