ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोर गोपाल शर्मा की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। एक ओर पुलिस का दावा है कि गोपाल की हत्या हुक्का पीने को लेकर हुए विवाद के बाद सिर पर चोट लगने से हुई, वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजन पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि गोपाल के साथ बेरहमी की गई, उसकी जीभ काटी गई, शरीर पर तेजाब डाला गया और उसके प्राइवेट पार्ट को भी नुकसान पहुंचाया गया। इन आरोपों के बीच पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्र ने प्रेस वार्ता में बताया कि 21 मई को बनवारी वास गांव निवासी 15 वर्षीय गोपाल शर्मा के लापता होने की सूचना मिली थी।
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और रोही गांव के एक खाली मकान से उसका शव बरामद किया गया।पुलिस जांच के अनुसार गोपाल अक्सर कुछ युवकों के साथ बैठकर हुक्का पिया करता था। कुछ दिन पहले गोपाल की दादी ने वहां पहुंचकर युवकों को फटकार लगाई थी, जिससे आरोपी उससे नाराज थे। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने गोपाल को सबक सिखाने की योजना बनाई।पुलिस के मुताबिक 21 मई को गोपाल जब हुक्का पीने पहुंचा तो आरोपियों ने उसके हुक्के में अधिक मात्रा में तंबाकू भर दिया। इसके बाद उसे एक खाली मकान में ले जाया गया, जहां उसका सिर दीवार में दे मारा गया। गंभीर चोट लगने के बाद गोपाल बेहोश हो गया और आरोपी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस का दावा है कि सिर पर लगी चोट के कारण उसकी मौत हुई।इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों की पहचान की। चेकिंग अभियान के दौरान जब पुलिस ने मोटरसाइकिल पर जा रहे आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोही गांव निवासी नरेश और मोहित तथा बिहार के चंपारण निवासी उमेश के रूप में हुई है।हालांकि, मृतक गोपाल के माता-पिता पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि बेटे के शव पर कई ऐसे निशान थे जो केवल सिर पर चोट लगने की कहानी से मेल नहीं खाते। परिजनों का आरोप है कि गोपाल की जीभ काटी गई थी, उसके शरीर पर किसी रासायनिक पदार्थ या तेजाब जैसे पदार्थ के निशान थे और उसके निजी अंगों को भी क्षति पहुंचाई गई थी। परिवार ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
वहीं ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र ने सोशल मीडिया पर चल रही इन तमाम बातों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुकर्म, अंग काटने या तेजाब डालने जैसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर पर लगी गंभीर चोट बताया गया है।फिलहाल इस मामले में पुलिस और परिजनों के दावे अलग-अलग हैं। जहां पुलिस इसे हुक्का पीने को लेकर हुए विवाद में हुई हत्या बता रही है, वहीं परिवार को अब भी कई सवालों के जवाब का इंतजार है। ऐसे में यह मामला केवल एक हत्या की गुत्थी नहीं, बल्कि जांच की पारदर्शिता और सच्चाई तक पहुंचने की चुनौती भी बन गया है।