असम में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि कई इलाकों में बारिश रुकने के बाद जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। इसके बावजूद राज्य के कई हिस्सों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं और लाखों लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 6 जिलों में 6.5 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इस वर्ष आई बाढ़ में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, पिछले 24 घंटों के दौरान 4 और लोगों की जान चली गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।
बाढ़ का सबसे अधिक असर शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में देखा जा रहा है। इन जिलों में लाखों लोग अब भी जलभराव, विस्थापन और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के भाजपा कार्यकर्ताओं से बाढ़ राहत अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने घोषणा की है कि बाढ़ प्रभावित 2 लाख महिलाओं और 2 लाख बच्चों को कपड़े उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए 12 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और समाज के लोग राहत कार्यों में सहयोग करें ताकि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
हालांकि बारिश का दौर कुछ इलाकों में थमा है और जलस्तर घटने लगा है, लेकिन असम के लाखों लोगों के लिए मुश्किलें अभी भी खत्म नहीं हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि राहत और पुनर्वास का कार्य लगातार जारी है और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।