उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के बीच रविवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी से ठंड का असर एक बार फिर बढ़ गया है। Badrinath Temple और Kedarnath Temple सहित कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ। इसके अलावा Hemkund Sahib और Valley of Flowers National Park जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया और ठंड काफी बढ़ गई। कठिन मौसम परिस्थितियों के बावजूद इन इलाकों में तैनात पुलिस और Indo-Tibetan Border Police के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
दूसरी ओर मैदानी इलाकों में बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। Dehradun और Haridwar समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी और पोखरी जैसे क्षेत्रों में भी बारिश से वातावरण में ठंडक बढ़ गई है। वहीं Haldwani और आसपास के इलाकों में तेज बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को आवाजाही में कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
मौसम विभाग ने 16 मार्च के लिए देहरादून, हरिद्वार, Udham Singh Nagar, Tehri Garhwal, Pauri Garhwal, Nainital district और Champawat district के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले चार से पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखने को मिल सकती है। बारिश का असर जंगलों में लग रही आग पर भी पड़ा है। प्रदेश में हुई बारिश के चलते कई स्थानों पर जंगलों में लगी आग बुझ गई है। अधिकारियों के मुताबिक जिन इलाकों में वनाग्नि को लेकर अलर्ट जारी किया गया था, वहां बारिश के बाद फिलहाल सक्रिय आग की कोई सूचना नहीं है। बारिश से जंगलों में नमी बढ़ेगी, जिससे आने वाले दिनों में वनाग्नि की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दून घाटी में हुई बारिश के बाद वातावरण भी साफ हो गया है और शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है।