रान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में हालात तनावपूर्ण हो गए। रविवार को कराची के माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास हुए विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और कानून-व्यवस्था बलों के बीच झड़प हो गई।
दूतावास के बाहर भड़की हिंसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर कूच कर गए और परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। हालांकि, वे केवल बाहरी क्षेत्र तक ही पहुंच सके। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हुए तितर-बितर कर दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। झड़प के दौरान भगदड़ और हिंसा में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
अस्पताल में लाए गए शव और घायल
कराची पुलिस की मुख्य सर्जन सुमैया सैयद ने बताया कि झड़प के बाद मृतकों के शव सिविल अस्पताल कराची लाए गए। घायलों को भी एंबुलेंस के जरिए वहीं भर्ती कराया गया है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने मृतकों की संख्या या मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
सरकार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आजाद खान से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी हिंसा फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
तेहरान हमले के बाद भड़का गुस्सा
गौरतलब है कि शनिवार को तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमलों में खामेनेई की मौत के बाद कई देशों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। खामेनेई 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे और तीन दशक से अधिक समय तक देश का नेतृत्व किया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का प्रभाव केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा हालात पर भी गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल कराची में हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।