20 january ,2025
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में हुए बलात्कार और हत्या के मामले को छह महीने हो चुके हैं, लेकिन इस घिनौने अपराध की यादें अभी भी ताजा हैं।
अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 वर्षीय डॉक्टर के बलात्कार और हत्या की खबर सामने आयी थी । इस मामले ने देश भर में हजारों लोगों के बीच विरोध और आक्रोश पैदा कर दिया था। जिसके बाद इस मामले में कई लोगो से पूछताश की गयी और सबसे मुखिया नाम था संजय रॉय ,6 महीने से लगातर हो रही पूछ ताछ में भी संजय ने गुनाह नहीं काबुल किया। जिसके बाद लगातर CBI भी मामले की जांच में जुटी हुई थी ,वही अब लगता है की इस केस पर पूर्ण विराम लग गया हैं। बता दे कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। कोलकाता की एक स्थानीय अदालत में आज दोपहर सजा सुनाए जाने के दौरान, कोलकाता पुलिस के पूर्व नागरिक संजय रॉय ने कहा कि उन्होंने “कोई अपराध नहीं किया है” और उन्हें “फंसाया जा रहा है”। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने कहा कि यह मामला RAREST केस में आता है और “समाज में लोगों का विश्वास बनाए रखने” के लिए रॉय को अधिकतम सजा, जो कि मृत्युदंड है, दी जानी चाहिए। हालांकि, सियालदह अदालत के अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश अनिरबन दास ने कहा कि यह RAREST केस में नहीं आता । वही जिन आरोपों के तहत रॉय को दोषी ठहराया गया है, उनमें कम से कम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है, जबकि अधिकतम मृत्युदंड हो सकता है। इस जघन्य अपराध के लिए दोषी ठहराए गए संजय रॉय की मां ने कहा कि अगर अदालत इस अपराध के लिए उसे फांसी पर चढ़ा देती है तो उन्हें कोई समस्या नहीं है। न्यायाधीश ने आगे कहा, “मृत्युदंड नहीं, केवल आजीवन कारावास, क्योंकि मृत्यु हुई है, इसलिए आजीवन कारावास। उसे पीड़ित के परिवार को 10 लाख रुपये देने होंगे। हालांकि डॉक्टर के पिता, जो आदेश के समय अदालत में मौजूद थे, उन्होंने आरोपी से 10 लाख रुपये लेने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें केवल न्याय चाहिए। यह फैसला उन लोगों के लिए न्याय की प्रतीक बन गया है, जो महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर सख्त सजा की मांग करते हैं। साथ ही यह भी दर्शाता है कि न्यायिक प्रणाली ने इस अपराध को गंभीरता से लिया और दोषी को कड़ी सजा दी।