उत्तराखंड कांग्रेस में चुनावी तैयारियों के बीच अनुशासनहीनता पर बड़ा एक्शन देखने को मिला है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन विरोधी गतिविधियों को गंभीर मानते हुए पिथौरागढ़ जिले के तीन नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में आयोजित ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ के दौरान सामने आई अनुशासनहीनता और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के बाद यह कार्रवाई की गई। कांग्रेस का कहना है कि संगठन में अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जो भी पार्टी लाइन के खिलाफ काम करेगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, 30 जून को पिथौरागढ़ में आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने मामले की समीक्षा की थी। संबंधित नेताओं को पहले कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें छह वर्ष के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। पार्टी का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत और अनुशासित बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों या अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस कार्रवाई को उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर अनुशासन कायम करने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।