भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन नहीं, बल्कि अक्टूबर में आयोजित विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुधवार को सदन के भीतर और बाहर जमकर हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए और काले झंडे लहराते हुए नारेबाजी की। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही पहले सुबह 11:20 बजे और फिर दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल विपक्षी नेताओं को मनाने पहुंचे। वहीं, फोटो सेशन में विपक्ष की गैरमौजूदगी को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान के साथ सदन में पेश किए गए नौ विधेयकों को पारित करने की कार्यवाही प्रस्तावित है। दूसरी ओर, खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने सदन से इस्तीफा देने का एलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल के दौरान भ्रष्टाचार और किसानों के मुद्दों पर विपक्ष से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उमेश कुमार ने इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का करीब 118 करोड़ रुपये बकाया होने, वर्ष 2023 की आपदा से हुए नुकसान और किसानों के बिजली बिल व कर्ज से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने साफ कहा कि वह न तो कांग्रेस में जाएंगे और न ही भाजपा में शामिल होंगे। ऐसे में अनुपूरक बजट और विधेयकों पर होने वाली कार्यवाही के साथ उमेश कुमार के इस्तीफे के एलान ने भी सत्र को राजनीतिक रूप से अहम बना दिया है।