बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर देश के युवाओं से सभ्य भाषा और सकारात्मक संवाद की अपील की है। शनिवार देर रात इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की जा रही अभद्र भाषा पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि असहमति व्यक्त करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन उसके लिए मर्यादा और सम्मान बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
वीडियो में भूमि पेडनेकर कहती हैं कि हाल के दिनों में सामने आ रहे कुछ वीडियो और पोस्ट में बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि भारत के युवा इस तरह की भाषा का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के बारे में बात की जा रही है, वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर है, इसलिए मतभेद होने के बावजूद भाषा की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए।
अभिनेत्री ने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि क्या कोई अपने घर के बुजुर्गों से इस तरह की भाषा में बात करता है? उन्होंने कहा कि गाली-गलौज भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा नहीं है और इस तरह की भाषा उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी परेशान करती है।
भूमि ने अपने संदेश में यह भी कहा कि किसी भी देश की प्रगति तभी संभव है जब लोग मिलकर उसकी अच्छाइयों और कमियों पर स्वस्थ और सम्मानजनक तरीके से चर्चा करें। उनके अनुसार, भारत की संस्कृति और संस्कार ही उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं और यदि संवाद की मर्यादा खत्म हो जाएगी तो न तो सही मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो पाएगी और न ही सकारात्मक बदलाव संभव होगा।
वीडियो के अंत में उन्होंने सभी नागरिकों और खासकर युवाओं से अपील की कि वे मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे का सम्मान करें, सभ्य भाषा का प्रयोग करें और देशहित में एकजुट होकर आगे बढ़ें।