भारतीय वन्यजीव संस्थान की एक बड़ी रिपोर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में पीक सीजन के दौरान इतनी ज्यादा भीड़ पहुंच रही है कि व्यवस्थाएं जवाब देने लगी हैं।रिपोर्ट के मुताबिक श्रद्धालुओं के ठहरने की जगह कम पड़ रही है, पार्किंग की समस्या बढ़ रही है और कूड़ा निस्तारण व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी भीड़ के सामने नाकाफी साबित हो रही हैं।
एक साल तक चले अध्ययन में पानी, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आवागमन, घोड़े-खच्चरों की संख्या और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे कई पहलुओं की जांच की गई।रिपोर्ट में सरकार को कई अहम सुझाव दिए गए हैं। इनमें भूस्खलन के जोखिम को कम करने, पंजीकरण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, कूड़ा प्रबंधन सुधारने और शौचालयों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश शामिल है।सवाल यह है कि आस्था के बढ़ते कदमों के साथ क्या हमारी व्यवस्थाएं भी उतनी ही तेजी से आगे बढ़ रही हैं?