देहरादून में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन अब और उग्र हो गया है। नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे बेरोजगारों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विरोध के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी और महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार बार-बार भर्ती प्रक्रिया के नियम बदलकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनकी मांग है कि नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया पहले की तरह वर्षवार यानी सीनियरिटी के आधार पर की जाए, ताकि लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके। साथ ही उन्होंने भर्ती पोर्टल बंद करने, IPHS मानकों के अनुसार 2500 से ज्यादा पदों पर नई भर्ती निकालने, उत्तराखंड के मूल निवासियों को प्राथमिकता देने और आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को विशेष छूट देने की मांग भी उठाई है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और नर्सिंग बेरोजगारों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान पुलिस ने बेरोजगारों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया था, जिसके बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि सरकार ने वर्षों बाद भर्ती निकाली है और अब नियम बदलकर उन्हें बाहर करने की कोशिश की जा रही है। नर्सिंग बेरोजगारों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस पूरे मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां विपक्ष सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहा है।