नासिक के दिंडोरी इलाके में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। आधी रात का सन्नाटा, चारों तरफ अंधेरा और अचानक एक तेज आवाज के साथ चीख-पुकार—यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और सिस्टम की बड़ी खामियों का दर्दनाक उदाहरण बन गया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक कार नासिक के दिंडोरी रोड से गुजर रही थी, तभी ड्राइवर का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया और कार सड़क किनारे खेत में बने एक खुले पानी से भरे कुएं में जा गिरी। कुछ ही सेकंड में गाड़ी पानी में समा गई और उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल पाए। इस हादसे में एक ही परिवार के करीब 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सभी लोग किसी पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी यह भीषण दुर्घटना हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय लोग और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन अंधेरा, कीचड़ और कुएं की गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल हो गया। देर रात क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से कार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी लोगों की मौत हो चुकी थी। करीब रात 1 बजे तक शवों को बाहर निकालने का काम पूरा हुआ। इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है, खासकर इंदोरे गांव में, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य—सुनील दत्तु दरगोड़े, उनकी पत्नी राखी, उषा, श्रद्धा और श्रावणी—एक साथ इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। गांव में हर घर में मातम पसरा हुआ है और लोग इस दुखद घटना से सदमे में हैं।
हालांकि इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रशासन पर उठ रहा है कि आखिर खेत में बना यह कुआं खुला क्यों था और क्या वहां कोई चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी। क्या ऐसी खतरनाक जगहों को पहले से चिन्हित कर सुरक्षित करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं थी? स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी भी सावधानी और सुरक्षा उपाय होते, तो शायद नौ जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या इस दर्दनाक हादसे के बाद कोई ठोस कार्रवाई होती है या यह मामला भी बाकी घटनाओं की तरह समय के साथ भुला दिया जाएगा।