उत्तराखंड में अक्सर सबसे ज्यादा शिकायते सडको की आती हैं कई बार सड़क नहीं होने से बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए डोली में लाया जाता हैं , जिससे ज्यादातर लम्बे सफर की वजह से लोगो की जान भी चली जाती हैं, अब ऐसा ही मामला ऋषिकेश से सामने आया हैं जहा सड़क की सुविधा नहीं होने से नरेंद्रनगर ब्लॉक के नौडू गांव की महिला का आधे रास्ते में जंगल में ही प्रसव हो गया। गांव की महिलाएं उसे 12 किमी दूर सड़क मार्ग तक पहुंचाने के लिए पल्ली में लेटाकर ले जा रहीं थीं। सड़क से करीब पांच किमी पहले लंबधार के पास जंगल में ही महिला ने बच्चे काे जन्म दे दिया। हालांकि, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की सुविधा नहीं होने से गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है।
गर्भवतियों या बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचाने के लिए काफी मुश्कीले झेलनी पड़ती है। वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांव में सड़क निर्माण की घोषणा थी लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया हैं, इतना ही नहीं वर्ष 2023 में लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से प्रथम चरण में इसका सर्वे भी शुरू हो गया था। लेकिन, सड़क का निर्माण आज तक सर्वे से आगे नहीं बढ़ा है। स्थानीय ग्रामीणो ने बताया कि गांव में यदि सड़क सुविधा होती तो गर्भवतियों का प्रसव स्वास्थ्य केंद्र में होता। इस तरह आधे रास्ते मेंं प्रसव नहीं होता। कहा कि शासन-प्रशासन की लापरवाही स्थानीय ग्रामीणों को झेलनी पड़ती हैं