देश की राजधानी दिल्ली और मायानगरी मुंबई में तेज रफ्तार का खौफनाक चेहरा एक बार फिर सामने आया है। महंगी सुपर बाइक और रफ्तार के जुनून ने मिलकर पांच जिंदगियों को छीन लिया। इन दोनों हादसों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी जल्दबाजी किस बात की, जिसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ रही है।मुंबई के मरीन ड्राइव पर आज सुबह करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार बाइक सवार ने सिग्नल तोड़ते हुए दो स्कूटर सवारों और सड़क पार कर रहे एक बुजुर्ग को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें बाइक सवार पुरुष, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं।हादसे के बाद का मंजर दिल दहला देने वाला था। सड़क पर बाइक पड़ी रही, जबकि तीनों की जान जा चुकी थी।
सामने आए वीडियो इस बात की गवाही देते हैं कि बाइक की रफ्तार कितनी ज्यादा थी।वहीं दिल्ली में भी तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। भलस्वा थाना इलाके के मुकुंदपुर फ्लाईओवर पर देर रात एक बाइक अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर की दीवार से जा टकराई।टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीवार तक टूट गई। बाइक पर सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा उछलकर नीचे बह रहे नाले में जा गिरा, जहां उसकी भी जान चली गई।मृतकों में से एक की पहचान संगम विहार निवासी 22 वर्षीय सैफ खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक तेज गति से फ्लाईओवर पार कर रहे थे, तभी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हो गया।
इन दोनों घटनाओं में एक समानता साफ नजर आती है—तेज रफ्तार और लापरवाही। चाहे सिग्नल जंप करना हो या नियंत्रण खो देना, छोटी सी गलती ने कई परिवारों को उजाड़ दिया।सवाल यह है कि क्या कुछ मिनट पहले पहुंचने की जल्दी, किसी की पूरी जिंदगी से ज्यादा कीमती हो सकती है?ये हादसे सिर्फ खबर नहीं, बल्कि चेतावनी हैं। सड़क पर नियमों का पालन, नियंत्रित गति और सतर्कता ही जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन है। रफ्तार का मजा कुछ पल का होता है, लेकिन उसकी कीमत जिंदगी भर चुकानी पड़ सकती है।