जम्मू कश्मीर के कठुआ में सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के 5 जवान शहीद हुए हैं। इन्हीं शहीद जवानों में से एक हैं राइफलमैन आदर्श नेगी। आदर्श नेगी टिहरी जिले के कीर्तिनगर के थाती (डागर) गांव के रहने वाले हैं। आपको बता दे आदर्श नेगी का परिवार अभी एक बेटे के शहीद होने के गम से उभरा भी नहीं था तभी परिवार ने एक और बेटा खो दिया। दरअसल अभी दो माह पहले ही आदर्श नेगी के ताऊ के बेटे ने अपने प्राण देश के हित में न्योछावर किए थे, जो की भारतीय सेना में मेजर थे। उनकी शहादत के जख्म अभी तक परिवार को रुला ही रहे थे और हर कोई इस गम को भूलाने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। लेकिन सोमवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे कठुआ शहर से 150 किलोमीटर दूर लोहई मल्हार में बदनोता गांव के पास माचेडी-किंडली-मल्हार मार्ग पर सेना का वाहन नियमित गश्त पर था। इसी वाहन में आदर्श नेगी भी थे और इसी दौरान घात लगाकर बैठे आतंकवादियों ने हमला कर दिया।
वही इस हमले में पांच जवान शहीद हो गए और पांच अन्य घायल हुए। वही गांव में आदर्श नेगी की शहादत की सूचना मिलने के बाद शोक की लहर छा गयी और परिवार अपनी सुध खो बैठा। उसे यकीन ही नहीं हुआ कि काल ने इतनी जल्दी फिर उसी के घर का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही आदर्श नेगी की मां तो ये खबर सुनते ही बेहोश हो गईं , और परिवार ने किसी तरह उन्हें संभाला। वही पिता भी बेहद सदमे में हैं, लेकिन परिवार के मुखिया होने के चलते खुद को संभाले हुए हैं। दरअसल आदर्श नेगी वर्ष 2018 में गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे और उन्होंने अपने 6 साल देश की सुरक्षा को दिए।