जोशीमठ के सुभाई गाँव से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है दरअसल प्रदेश में एक धार्मिक आयोजन के दौरान ढोल न बजाने पर दलित को 5000 रुपए जुर्माना लगाया गया था। इतना ही नहीं बल्कि सवर्ण जाति ने रविवार को अनुसूचित जाति के ग्रामीणों के बहिष्कार की घोषणा की। जिसके बाद सवर्ण जाति और अनुसूचित जाति के ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ गया है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वही मिली जानकारी के अनुसार ये मामला जोशीमठ के सुभाई-चांचड़ी गांव का है। दरअसल गांव में अनुसूचित जाति के करीब छह परिवार हैं, जिनकी कई पीढ़ियां गांव में होने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सवों में ढोल बजाती रही हैं। गौरतलब है की मई को बैसाखी के पर्व पर अनुसूचित जाति के ग्रामीण पुष्कर लाल को गांव में ढोल बजाने के लिए कहा गया था। लेकिन इसी बीच ढोल वादक का स्वास्थ्य बिगड़ गया। जिस कारण वो ढोल बजाने की जिम्मेदारी पूरी न कर सका। जिस पर गांव के सवर्णों ने नाराजगी जाहिर करते हुए पंचायत बुलाकर पुष्कर लाल पर 5000 रुपये का जुर्माना लगा दिया।
साथ ही ढोल वादक पुष्कर लाल ने सवर्ण जाति के ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज शिकायत में बताया कि 3 मई को 5000 जुर्माने की रकम जमा करने पर भी बहिष्कार व हक-हकूकों से वंचित करने की धमकी दी जा रही है। पुष्कर का आरोप है कि ग्रामीणों ने गांव में पंचायत बुलाकर अनुसूचित जाति के परिवारों का बहिष्कार करने और जल, जंगल, जमीन से वंचित रखने का आदेश जारी कर दिया है। वही जोशीमठ कोतवाली के प्रभारी राकेश भट्ट ने बताया कि गांव के 28 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसी के अतिरिक्त पीड़ित पक्ष को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया।