बिहार की राजनीति में इस समय एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। Nitish Kumar के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की खबरों ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली पहुंचेंगे और वहीं राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेंगे। इसके बाद वे 11 अप्रैल को पटना लौटेंगे, जहां से सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है। दिल्ली में शीर्ष नेताओं के साथ हुई बैठकों के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लगभग तय माना जा रहा है। करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहने वाले नीतीश कुमार का यह फैसला न सिर्फ एक व्यक्तिगत राजनीतिक बदलाव है, बल्कि राज्य की सत्ता संरचना में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत भी दे रहा है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
Bharatiya Janata Party के भीतर इसको लेकर मंथन जारी है और डिप्टी सीएम Samrat Choudhary को इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। 10 अप्रैल को दिल्ली में बीजेपी की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें Narendra Modi, Amit Shah समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा कर आम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ नेता भी इसमें शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण 14 अप्रैल की शाम या 15 अप्रैल को हो सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी संभावना है। ऐसे में बिहार में यह सत्ता परिवर्तन न केवल नेतृत्व बदलने का संकेत है, बल्कि राज्य की राजनीति की दिशा और दशा को भी नए सिरे से तय करने वाला साबित हो सकता है।