यूपीआई से भुगतान की सुविधा अब उत्तराखंड के कारोबारियों के लिए चिंता का कारण बनती नजर आ रही है। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.4 फीसदी Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होने की व्यवस्था के बीच देहरादून के कई कारोबारियों ने अभी से कैश में लेनदेन शुरू कर दिया है। धामावाला, पलटन बाजार और आसपास के इलाकों में कुछ व्यापारियों ने UPI से भुगतान लेने से दूरी बनानी शुरू कर दी है। कारोबारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क से उनके खर्च और मुनाफे पर असर पड़ेगा और उन्हें दोबारा कैश व्यवस्था की ओर लौटना पड़ सकता है।
हालांकि, सरकार के मुताबिक MDR कोई टैक्स नहीं है और इसका भुगतान ग्राहक से नहीं लिया जाना चाहिए। 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI भुगतान और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI लेनदेन पर कोई MDR नहीं लगेगा। सरकार का कहना है कि करीब 96 फीसदी मर्चेंट UPI लेनदेन इस शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे। वहीं उत्तराखंड के व्यापारी संगठन इस फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं और उनका कहना है कि अगर डिजिटल भुगतान महंगा हुआ तो कारोबारियों के सामने कैश की ओर लौटने के अलावा क्या विकल्प बचेगा।