कमाल की विडंबना है! जिन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत अमेरिका से जवाब मांग रहा है, उसी वक्त अमेरिका भारत के जहाजों पर हमले का आरोप ईरान पर लगा रहा है। यानी एक तरफ मौतों पर मातम है, दूसरी तरफ आरोपों की राजनीति! दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ईरान ने ड्रोन हमला किया, जिसे उन्होंने ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया। ट्रंप के मुताबिक ईरान की ये कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, तेहरान ने पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जहाजों और नाविकों को सबसे ज्यादा नुकसान खुद अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से हुआ है। दरअसल हाल ही में ओमान तट के पास एक जहाज पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी, जिस पर भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है।
अब जरा इस तस्वीर को समझिए… एक तरफ अमेरिका ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान अमेरिका पर “समुद्री डकैती” और नागरिक जहाजों पर हमले के आरोप लगा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते की चर्चाएं भी चल रही हैं, लेकिन समुद्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस पूरे संघर्ष में भारतीय नाविक और व्यापारी जहाज बीच में फंसते जा रहे हैं। सवाल सिर्फ अमेरिका और ईरान का नहीं है, सवाल उन भारतीयों का है जो हजारों किलोमीटर दूर समुद्र में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? और यही सवाल अब दुनिया के सामने खड़ा है।