लोकसभा चुनाव के सातवें चरण 1 जून 2024 से पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब के लोगों को पत्र लिखकर कांग्रेस को वोट देने की अपील की। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शब्दबाण चलाते हुए उन पर चुनाव प्रचार के दौरान घृणा फ़ैलाने वाला भाषण देकर सार्वजनिक चर्चा की गरिमा और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को गिराने का आरोप लगाया। दरअसल नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह पर यह कहने का आरोप लगाया था कि- देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है? जिसपर मनमोहन सिंह ने कहा की पीएम मोदी ने उनके नाम पर कुछ झूठे बयान दिए हैं, उन्होंने अपने जीवन में कभी भी एक समुदाय को दूसरे से अलग नहीं किया है, यह सिर्फ भाजपा का कॉपीराइट है। आगे उन्होंने सेना के लिए गलत तरीके से अग्निवीर योजना को बनाने और थोपने के लिए मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि- देशभक्ति, बहादुरी और सेवा का मूल्य केवल चार साल है? जो उनके नकली राष्ट्रवाद को दर्शाता है।
साथ ही मनमोहन सिंह ने ये भी कहा की वो इस चुनाव अभियान के दौरान राजनीतिक चर्चाओं पर बारीकी से नजर रख रहे है, और नरेंद्र मोदी ने सबसे ज्यादा नफरत भरे भाषण दिए हैं, जो पूरी तरह से विभाजनकारी हैं, साथ ही नरेंद्र मोदी ने इस तरह प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को भी कम किया है। आगे उन्होंने कहा की उन्होंने आजतक इससे पहले कोई ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा जो समाज के किसी खास वर्ग या विपक्ष को निशाना बनाने के लिए इतने नफरत भरे, असंसदीय और असभ्य शब्दों का इस्तेमाल करता हो। अंत में पूर्व PM ने कवि अल्लामा इकबाल का एक प्रसिद्ध शेर लिखते हुए अपने लेटर को खत्म किया। उन्होंने लिखा- फिर उठी आखिर सदा तौहीद की पंजाब से, मर्द-ए-कामिल ने जगाया हिंद को फिर ख्वाब से।